बहुत दर्द होता है || Emotional Story In Hindi

बहुत दर्द होता है जब किसी का दिल टूटता है, जब किसी के साथ विश्वासघात होता है, जब किसी की आलोचना होती है, जब किसी भी प्रकार का नुकसान होता है, जब कोई अपना हमसे दूर चला जाता है।

आखिर ये दर्द क्यों होता है और किसको होता है, सब कुछ बतायेंगे, इंसान के अंदर पलने वाले दर्द के किस्सों से आपको रूबरू भी करायेंगे, बस बने रहिएगा हमारे साथ, क्योंकि हम नहीं करते फिजूल की बात हमारे वेबसाइट पर होती है सिर्फ और सिर्फ काम की बात, तो आइये अब शुरू करते हैं।

यह भी पढ़ें > चलो अब घर चलते हैं || Emotional Video In Hindi

बहुत दर्द होता है
बहुत दर्द होता है

बहुत दर्द होता है || Emotional Story In Hindi

जब किसी का दिल टूटता है

बहुत दर्द होता है, तब जब एक प्रेमी को यह पता चलता है कि जिस महिला को वह बे-इन्तहां प्यार करता है उसका सम्बन्ध किसी और के साथ भी है, ऐसे हालात में वह व्यक्ति भारी तनाव का शिकार हो जाता है परिणामतः वह नशे की गिरफ्त में फंस जाता है।

जब दिल टूटता है तो सिर्फ दिल ही नहीं टूटता है बल्कि उम्मीदें और सपने भी टूटते हैं, और इस बात का एहसास क्या होता है यह वही जानता है जिसका दिल टूटता है, क्योंकि उस समय का अकेलापन व्यक्ति को असहज बना देता है और ऐसे हालात में बहुत सारे नकारात्मक विचार उसके मन में आते है जो उसे गलत रास्तों पर चलने को मजबूर करते हैं।

जब किसी के साथ विश्वासघात होता है

बहुत दर्द होता है, तब जब इक इंसान दूसरे इंसान पर बहुत भरोसा करता है लेकिन सामने वाला उसके विश्वास और भरोसे को ताक पर रखते हुए लालच में आकर उस व्यक्ति के साथ विश्वासघात करता है।

जब किसी के साथ विश्वासघात होता है तो उसका नजरिया सिर्फ विश्वासघात करने वाले के प्रति ही नहीं बदलता बल्कि वह अन्य लोगों को भी अविश्वसनीय नजरिये से देखने लगता है और इसका असर सामाजिक तौर पर भी नकारात्मक ही होता है।

जब किसी की आलोचना होती है

बहुत दर्द होता है, तब जब लोग किसी बात को लेकर हमारी आलोचना करते हैं, क्योंकि इंसान की प्रवृत्ति है खुद को सही ठहराना, चाहे वह कितना ही गलत क्यों ना हो लेकिन जब वह अपनी जुबान से अपने विषय में कुछ बोलेगा तो अपने आप को पूरी तरह से साफ सुथरा ही पेश करेगा।

इंसान अच्छा हो या बुरा कोई भी अपनी आलोचना नहीं सुनना चाहता, इससे अलग हटकर अगर बात करें तो सबसे ज्यादा दर्द तब होता है जब किसी व्यक्ति को उसके गरीबी और लाचारी की वजह से आलोचित होना पड़ता है और इसका असली दर्द वही समझ सकता है जो ऐसे दौर से गुजरा होता हो।

यह भी पढ़ें > दुनियाँ का सबसे अमीर देश कौन सा है (2022)

जब किसी भी प्रकार का नुकसान होता है

पृथ्वी है तो जीवन है, जीवन है तो पेट है, पेट है तो काम है, काम है तो प्रक्रिया है, प्रक्रिया है तो हादसे हैं और हादसे हैं तो नुकसान है, अब यह नुकसान आर्थिक भी हो सकता है, सामाजिक भी हो सकता है, पारिवारिक भी हो सकता है या फिर किसी अन्य प्रकार का भी हो सकता है।

इंसान जब कोई काम करता है तो उसमे या तो फायदा होता है या फिर नुकसान, फायदा होता है तो हमें ख़ुशी मिलती है लेकिन अगर नुकसान होता है तो हमें और हमारे दिल को बहुत दर्द होता है

जब कोई अपना हमसे दूर चला जाता है।

इंसान ही इंसान का दोस्त भी होता है और दुश्मन भी, हम जिन भी लोगों को चाहते हैं अब चाहे वे परिवार के हों, रिस्तेदारी के हों, पड़ोस के हों या फिर कहीं और के हों, कभी ना कभी जीवन में ऐसा समय आता ही है जब हम और वे किसी ना किसी कारण से एक दूसरे से दूर होते ही हैं।

वैसे भी इंसानी जीवन में कुछ मिले ना मिले लेकिन एक चीज तो है जो सबको मिलती ही है, और वह है मौत और सीधी सी बात है कि जो आया है वह एक ना एक दिन जायेगा ही, हालाँकि यह बात सभी जानते हैं लेकिन फिर भी जब कोई अपना इस दुनियाँ को छोड़कर जाता है तो दिल में बहुत दर्द होता है

यह भी पढ़ें > डेनमार्क क्यों है सबसे खुशहाल देश

दर्द एक समस्या है तो उसका समाधान भी है

दोस्तों, हमने अभी-अभी दर्द के कई रूपों के बारे में जाना कि आखिर ये दर्द क्यों और किस रूप में होता है, और अब यहाँ पर एक सवाल खड़ा होता है कि आखिर ये दर्द आने से पहले क्या रुक नहीं सकते आखिर कोई तो ऐसा उपाय होगा जिससे ये दर्दे हमें महसूस ही ना हों, या फिर हों भी तो कम से कम हों।

जाहिर सी बात है कि जब दर्द है तो कहीं ना कहीं दवा भी होगी ही, हाँ है बिलकुल है, पर क्या है आइये जानते हैं इसके बारे में…..

जब दिल टूट जाए तो क्या करें :

  • ऐसे में व्यक्ति को कुछ दिन, सप्ताह या फिर महीनों के लिए उस स्थान से दूरी बना लेनी चाहिए जहाँ से उसकी यादें जुड़ीं हों, क्योंकि उन जगहों से गुजरते समय पुराने लम्हें की याद आती है जो व्यक्ति को बहुत सताती है।
  • खुद को किसी ना किसी काम में इतना व्यस्त रखने की कोशिश करें कि सोचने की फुर्सत ही ना हो। क्योंकि फुर्सत ही हमारे दिमाग को कुछ नकारात्मक सोचने और किसी को याद करने का कीड़ा पैदा करता है।
  • उसके बुरी आदतों को याद करके खुद को इस बात की तसल्ली दें कि अच्छा हुआ ऐसे लोग दूर ही रहें तो अच्छा है और यह भी अच्छा हुआ कि मुझे उसके बारे में जल्द ही  सब कुछ पता चल गया नहीं तो मै तो उसके चक्कर में बर्बाद हो जाता।

जब विश्वासघात हो तो क्या करें :

  • विश्वासघात उसके साथ होता है जो सामने वाले पर भरोसा करता है, जो सामने वाले पर भरोसा करता है वह खुद भी भरोसे के लायक होता है शायद इसीलिए दूसरों पर भी भरोसा करता है, अगर सामने वाले ने उसे धोखा दिया तो भविष्य में उसे उस व्यक्ति से सावधान रहना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग अपनी आदत से कभी भी बाज नहीं आते हैं।
  • किसी एक व्यक्ति ने आपको धोखा दिया और उस घटना ने आपको इतना आहत कर दिया कि तभी से आप औरों पर भी भरोसा करना छोड़ देते हैं, यह सही नहीं है क्योंकि हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता लेकिन फिर भी आँख बंद करके किसी पर भी भरोसा ना करें बल्कि खुली आँखों से भरोसा करें।
  • इंसान को एक बात जरूर याद रखना चाहिए कि विश्वासघात एक बहुत बड़ा पाप होता है, ऐसा करने वाले लोग बहुत ही निचले दर्जे की मानसिकता वाले लोगों की श्रेणी में आते हैं और ऐसे लोग किसी के भी सगे नहीं होते है, ऐसे लोगों से सावधान और सतर्क रहें।

जब आलोचना हो तो क्या करें :

  • यह एक बहुत ही जटिल शब्द है खाशकर उनके लिए जो लगातार इसके शिकार होते रहते हैं, क्योंकि किसी भी इंसान को अपनी आलोचना सुनना पसंद नहीं होता है अब चाहे वह आलोचना के लायक हो या ना हो। वैसे भी आलोचना के कई रूप होते हैं, अच्छाई या बुराई की आलोचना, सहमति या असहमति की आलोचना, अमीरी या गरीबी की आलोचना, कर्म या भाग्य की आलोचना, व्यवहार की आलोचना,  गलती की आलोचना या फिर तरक्की की आलोचना आदि।
  • आलोचना कैसी भी हो, साली लगती बहुत है, खून खौल जाता है, चाहे हम अच्छे हों या फिर बुरे लेकिन हम नहीं चाहते कि कोई भी व्यक्ति किसी के भी सामने हमारी आलोचना करे क्योंकि जब कोई ऐसा करता है तो वाकई में दिल में बहुत दर्द होता है
  • आगे से ऐसा आपके साथ ना हो इसलिए इससे बचने के लिए ऐसा कोई काम ही ना करें जिससे कि आपकी आलोचना हो। और हाँ अगर आप कोई ऐसा काम कर रहे हैं जो  मानव कल्याण के कार्य में सहायक हो और कुछ असामाजिक लोग उसमें बाधा डालने के लिए आलोचना कर रहे हों तो आपको उनकी जरा भी परवाह नहीं करनी चाहिए।

जब नुकसान हो तो क्या करें :

  • इंसान को अपना जीवन यापन करने के लिए तमाम प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है और उन प्रक्रियाओं से गुजरते हुए अर्थात कुछ ना कुछ करते हुए कभी फायदा तो कभी नुकसान का सामना करना पड़ता है।
  • सीधी सी बात है कि जब दिन है तो रात है, सुबह है तो शाम है, जमीन है तो आसमान है, आलस्य है तो काम है और जहाँ फायदा है तो वहाँ नुकसान है। फायदे और नुकसान तो जीवन में लगे ही रहते हैं।

जब नुकसान हो और दिल को बहुत दर्द हो तब गीता का यह  श्लोक याद करें कि…..

आखिर क्या लेकर आये थे और क्या लेकर जाओगे

जो लिया यहीं से लिया और जो दिया यहीं पर दिया

कल जो तुम्हारा था आज किसी और का है और परसों किसी और का होगा

क्यों व्यर्थ चिंता करते हो जब तुम्हारा कुछ है ही नहीं तो क्या लिया और क्या दिया

वर्तमान में जिओ अपना कर्म करते रहो क्योकि कर्म ही प्रधान है

कर्म करना तुम्हारे वश में है लेकिन फल प्राप्त करना नहीं

लेकिन फल तो कर्म से ही मिलता है इसलिए कर्म करना ना छोड़ें

अपना कर्म करते रहें जब आपका समय आएगा तो आपको फल भी मिल जायेगा।

जब कोई अपना दूर जाए तो क्या करें :

  • हर एक इंसान जो इस दुनियाँ में पैदा हुआ है वह एक दिन मृत्यु के हवाले होगा ही होगा इसमें तनिक भी संदेह नही है जब यह बात हम सभी जानते हैं तो किसी के भी जाने या ना जाने से किसी को भी क्या फर्क पड़ता है। लेकिन पड़ता है उसे जिसका सगा उसे छोड़ कर जाता है।
  • यहाँ पर हम आपको इस बात से अवगत कराना चाहेंगे कि आप सिर्फ एक शरीर हैं और दूसरों को भी शरीर के माध्यम से ही पहचानते हैं और यही भ्रम आपको अँधेरे में रखे हुए हैं जिस दिन भी आप अपने-आपको समझेंगे और जानेंगे कि आप एक शरीर नहीं बल्कि आत्मा हो उस दिन आप के अंदर का सारा डर ख़त्म हो जायेगा।
  • अगर आप अपने अंदर के भ्रम और अज्ञान को मिटाना चाहते हैं और जीवन, शरीर और आत्मा के बारे में जानना चाहते है तो आप श्री मद्भगवद्गीता को पढ़ें और समझें जिससे आपके अंदर का अंधकार तो दूर होगा ही साथ ही साथ आपको साक्षात् भगवद्दर्शन का आभास भी होगा जिससे आपका जीवन तो धन्य होगा ही साथ ही आपके मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी खुलेगा।

निष्कर्ष

दोस्तों, हमारे सम्पूर्ण जीवन काल में जाने-अनजाने में ही सही किसी ना किसी कारणवश या तो कोई हमें दुखी कर जाता है या फिर हम खुद भीं किसी ना किसी के दुःख का कारण बन जाते हैं, कई बार हम यह जानबूझकर कर करते हैं और कई बार अनजाने में लेकिन जैसे भी हो उससे सामने वाले को बहुत तकलीफ होती है।

जिस तरह किसी के जुबान से निकला हुआ शब्द और उसके द्वारा किया गया कोई गलत हरकत हमारे मन को प्रभावित करता है और हमारे दिल को बहुत ठेस पहुँचाता है बिलकुल उसी तरह हमारे द्वारा बोले जाना वाला शब्द और गलत हरकत भी दूसरों के मन को तकलीफ पहुँचाते हैं, इस बात का हमें भी ध्यान रखना चाहिये।

सीधी सी बात है कि जैसा आप बोयेंगे वैसा ही काटेंगे, अगर आप चाहते हैं कि सामने वाला आपकी इज़्ज़त करे आपको भी उसे इज़्ज़त देनी होगी, इसलिए लोगों से तमीज से पेश आएं, क्योंकि “तमीज से बोलोगे तो इज़्ज़त मुक्त मिलेगी”।

 

दोस्तों, आशा करता हूँ कि यह आर्टिकल आपके ज्ञान के भंडार को पहले से और बेहतर बनायेगा साथ ही आपको बुद्धजीवियों की

श्रेणी में लेकर जायेगा, तो आज के लिए सिर्फ इतना ही, अगले आर्टिकल में हम फिर मिलेंगे, किसी नए टॉपिक के साथ, तब तक के लिए, जय हिन्द-जय भारत।

लेखक परिचय

इस वेबसाइट के संस्थापक अमित दुबे हैं, जो दिल्ली में रहते हैं, एक Youtuber & Blogger हैं, किताबें पढ़ने और जानकारियों को अर्जित करके लोगों के साथ शेयर करने के शौक के कारण सोशल मीडिया के क्षेत्र में आये हैं और एक वेबसाइट तथा दो Youtube चैनल के माध्यम से लोगों को Motivate करने तथा ज्ञान का प्रसार करने का काम कर रहे हैं।

हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

Website : www.motivemantra.com इस पर Motivational Article Publish होते हैं।

Youtube Channel (1) Motive Mantra by amit dubey इस पर Motivational Video Publish होते हैं।

Youtube Channel (2) : Knowledge Facts by amit dubey इस पर General Knowledge Video Publish होते हैं।

इन्हें भी तो पढ़ें

What Is SEO | 25 SEO Tips In Hindi

नरेंद्र मोदी ने अपनी पत्नी को क्यों छोड़ा था

रतन टाटा की जीवनी | Ratan Tata Biography In Hindi

चीन का नकली सूरज कैसा है ? | चीन ने बनाया कृत्रिम सूरज

ममता बनर्जी की जीवनी | Mamta Banerjee Biography In Hindi

हमारा यूट्यूब चैनल : Motive Mantra By Amit Dubey

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *